Solar Radiation Alert : Airbus A320 पर बढ़ा खतरा, एयरलाइंस और DGCA हाई अलर्ट पर, कई फ्लाइट्स हुईं Delay

Solar Radiation Alert : हाल ही में बढ़ी सौर गतिविधियों और लगातार आ रहे सोलर स्टॉर्म अलर्ट के बीच Airbus A320 जैसे कॉमर्शियल एयरक्राफ्ट की सुरक्षा को लेकर नई चिंता सामने आई है । सोलर रेडिएशन की वजह से भारत में करीब 350 ऐसे विमान है जिनको अब सॉफ्टवेयर अपडेट के चलते उनकी उड़ानों पर रोक लगाई गई है जिसके चलते इंटरनेशनल और डोमेस्टिक फ्लाइट्स कैंसल करनी पड़ेगी ।
इस सोलर रेडिएशन की वजह से एयर इंडिया और इंडिगो की ज्यादातर फ्लाइट्स पर असर पड़ रहा है । ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वो एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस चैक करके ही निकले । उच्च वायुमंडलीय परतों में बढ़ रहा सोलर रेडिएशन एविएशन सिस्टम्स पर प्रभाव डाल सकता है, जिसको देखते हुए एयरलाइंस और सिविल एविएशन अथॉरिटीज ने सतर्कता बढ़ा दी है।
तेज़ सौर विकिरण के कारण वातावरण में ऊपरी स्तर पर चुंबकीय हस्तक्षेप बढ़ जाता है। इसका सीधा असर एवियोनिक्स, GPS नेविगेशन और रेडियो कम्युनिकेशन सिस्टम पर पड़ सकता है। Airbus A320 जैसे एयरक्राफ्ट सामान्यतः 33,000 से 37,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हैं, जहां सोलर रेडिएशन का प्रभाव और भी स्पष्ट होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोलर रेडिएशन मुख्य रूप से GPS सिग्नल कमजोर होने, कॉकपिट सिस्टम में ग्लिच, और कम्युनिकेशन इंटरफेरेंस का कारण बन सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोलर स्टॉर्म की बढ़ती गतिविधि को ध्यान में रखते हुए भारत की DGCA ने भी एयरलाइंस को एडवाइजरी जारी की है। पायलटों को ऐसी परिस्थितियों में बैकअप नेविगेशन सिस्टम तैयार रखने और उड़ान की ऊंचाई में जरूरत पड़ने पर बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उड़ानों के दौरान रेडिएशन मॉनिटरिंग बढ़ाने और सोलर एक्टिविटी के रियल-टाइम अपडेट पायलटों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। एयरलाइंस ने भी अपने टेक्निकल टीमों को कॉकपिट सिस्टम और नेविगेशन यूनिट्स पर सतर्क निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
एयरबस कंपनी की ओर से कहा गया है कि A320 फैमिली के विमान रेडिएशन-इंड्यूस्ड फेल्योर से निपटने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम हैं, लेकिन जब सोलर एक्टिविटी असामान्य स्तर पर होती है तो सिस्टम मॉनिटरिंग और भी ज़रूरी हो जाती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालांकि यह एक तकनीकी चेतावनी है, लेकिन यात्री सुरक्षा को लेकर किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है, क्योंकि मॉडर्न एयरक्राफ्ट कई-स्तरीय बैकअप सिस्टम से लैस होते हैं।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति अस्थायी होती है और सोलर एक्टिविटी सामान्य स्तर पर लौटते ही जोखिम कम हो जाता है। फिर भी, मौजूदा हालात को देखते हुए एयरलाइंस उड़ानों के मार्ग, ऊंचाई और संचार तंत्र की लगातार समीक्षा कर रही हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।